Monday, January 7, 2019

सामान्य वर्ग को आरक्षण का समर्थन, SC/ST, OBC कोटा बढ़े: मायावती

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा आर्थिक आधार पर गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले का बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने समर्थन किया है. मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले का समर्थन करती है और संसद में पेश किए जाने वाले संविधान संशोधन बिल का समर्थन करेगी. हालांकि, मायावती ने मौजूदा समय में SC/ST और OBC वर्ग को मिलने वाले करीब 50 फीसदी आरक्षण के कोटे के दायरे को बढ़ाने की मांग भी की.

मंगलवार को मायावती ने कहा कि सवर्णों को आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले आरक्षण का फैसला एक चुनावी स्टंट है. सरकार ने ये फैसला पहले क्यों नहीं किया. ये सिर्फ एक चुनावी छलावा है.

बसपा सुप्रीमो ने ये भी कहा कि देश में अभी तक SC/ST, OBC को जो 49.5 फीसदी आरक्षण मिलता है उसकी समीक्षा करने की जरूरत है. उन्होंने तर्क दिया कि लगातार जनसंख्या बढ़ रही है ऐसे में जातियों का अनुपात भी बढ़ रहा है, इसलिए समीक्षा की जरूरत है.

मायावती ने अपील करते हुए कहा कि बढ़ी हुई आबादी के आधार पर ही आरक्षण का अनुपात भी बढ़ना चाहिए, इसके लिए नई संवैधानिक व्यवस्था लागू की जानी चाहिए. इतना ही नहीं मायावती ने कहा कि इन वर्गों के लिए उन क्षेत्रों में भी आरक्षण दिया जाना चाहिए, जहां पर आरक्षण नहीं दिया जाता है.

आपको बता दें कि मोदी सरकार अपने इस फैसले को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करेगी. इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में संविधान संशोधन बिल पेश किया जाएगा. लोकसभा में तो एनडीए सरकार के पास बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं है. राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी के कुल 4 सांसद हैं, ऐसे में मायावती का संशोधन बिल का समर्थन करना एक बड़ी राहत हो सकता है.

गौरतलब है कि इस मुद्दे पर टीवी बहस के दौरान न्यूज एंकर निशांत चतुर्वेदी ने सवाल किया कि एचएएल के चेयरमैन और सीएमडी ने दावा किया है कि एचएएल कैश-इन-हैंड नकारात्मक है. इसके चलते कंपनी अपने कर्मचारियों को सैलरी देने की स्थिति में नहीं है. इस नकारात्मक कैश-इन-हैंड, जो कि एक अकाउंटिंग का शब्द है और जिसका मतलब है कि कंपनी के पास खाते में कर्मचारी को सैलरी देने के लिए अथवा अपना अन्य जरूरी खर्च करने के लिए पैसे नहीं है.

अपने इस जवाब से जहां शहनवाज हुसैन ने जाहिर कर दिया कि उन्हें कैश-इन-हैंड शब्द का मतलब नहीं पता था और वह इसे कैश मुद्रा और डिजिटल मुद्रा से कन्फ्यूज कर बैठे. हालांकि उनकी इस गलती पर न्यूज एंकर ने उन्हें मजाक न करने के लिए कहा क्योंकि टीवी चैनल पर एक अहम मुद्दे पर बहस की जा रही थी.

राफेल का वंशवाद: तजुर्बा नहीं, परिवार देखकर दसॉल्ट ने किया अंबानी से करार

गौरतलब है कि इस टीवी बहस के दौरान शहनवाज हुसैन के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेरा भी शामिल थे. बीते कुछ दिनों से एचएएल की आर्थिक स्थिति पर लेकर विवाद खड़ा हुआ है. हाल ही में लोकसभा में इस मुद्दे पर हुई बहस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था.

No comments:

Post a Comment